
भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना 2025 का aim है कि देश के हर घर में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल बढ़े, जिससे ऊर्जा की बचत हो और पर्यावरण को भी लाभ पहुंचे। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि इस योजना का लाभ लेने के लिए किन घरों को ही पात्र माना गया है और किन घरों में यह संभव नहीं है? यदि आप भी अपने घर पर सोलर पैनल लगाने का सोच रहे हैं, तो इस आलेख में पूरी जानकारी दी गई है।
किन घरों में नहीं लगेगा सोलर पैनल?
सूर्य घर योजना का मकसद है घर-घर तक साफ-सुथरी सौर ऊर्जा पहुंचाना, लेकिन कुछ खास घर ऐसे हैं, जिनके लिए यह योजना लागू नहीं होगी। इनमें शामिल हैं:
- जिन घरों की छत ही नहीं है या वह साझा है।
- किराए के मकान या बिना स्वामित्व वाले घर।
- यदि पहले किसी और सरकारी योजना के तहत सोलर सब्सिडी का लाभ लिया है।
- सरकारी कर्मचारी और नियमित आयकरदाता।
- कमजोर संरचना वाले घर, या जहां छत की स्ट्रक्चर मजबूत नहीं है।
पात्रता की मुख्य शर्तें
यह योजना उन घरों को ही दी जाती है, जिनमें:
- आवेदक भारतीय नागरिक हो और उस घर का मालिक हो।
- घर की छत पक्की और मजबूत हो, और उस पर सोलर पैनल लगाने की जगह हो।
- घर में नियमित बिजली कनेक्शन हो।
- घर की छत ऐसी हो कि उस पर सोलर सिस्टम आसानी से लगाया जा सके।
- सोलर मॉड्यूल भारत में बने और सरकारी मानकों के अनुरूप हो।
आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?
इस योजना का लाभ लेने के लिएआपको पीएम सौर्या घर योजना की ऑफिशियल वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, बिजली का बिल, प्रॉपर्टी का मालिकाना हक का प्रमाणपत्र, बैंक डिटेल्स और फोटो शामिल हैं। आवेदन की प्रक्रिया बहुत आसान है, जिसमें साइट इंस्पेक्शन के बाद सरकार की तरफ से सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
योजना का लाभ क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्या है कि घर में ऊर्जा की स्वावलंबी व्यवस्था हो। इससे न केवल बिजली बिल में भारी कमी आएगी, बल्कि आप अतिरिक्त बिजली ग्रिड में बेचकर कमाई भी कर सकते हैं। साथ ही, यह कदम पर्यावरण संरक्षण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी।
















