
हरियाणा सरकार ने 2025 में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए “दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना” की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत 23 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है, जो सीधे उनके बैंक खाते में डाली जाती है।
योजना का उद्देश्य और लाभ
लाडो लक्ष्मी योजना का मुख्य लक्ष्य गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना से महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि उनकी सामाजिक स्थिति भी मजबूत होगी। इसके जरिए महिलाएं अपने परिवार और समुदाय के विकास में बेहतर योगदान दे सकेंगी।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के लिए पात्रता की शर्तें काफी स्पष्ट हैं। आवेदिक की उम्र 23 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है और “लाडो लक्ष्मी” मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण, आय प्रमाण और बैंक खाता विवरण जैसे दस्तावेज जमा करने होते हैं।
नए बदलाव और विशेषताएं
पहले इस योजना के तहत राशि हर छह महीने में दी जाने का प्रस्ताव था, लेकिन अब सरकार ने यह तय किया है कि महिलाओं को हर तीन महीने में 6300 रुपये एकमुश्त राशि के रूप में दी जाएगी। इस बदलाव से महिलाएं अपने स्वरोजगार या छोटे व्यवसाय में इस राशि का बेहतर उपयोग कर सकेंगी।
योजना का बजट और प्रभाव
हरियाणा सरकार ने इस योजना के लिए 2025-26 के बजट में 5000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। इस योजना के तहत अब तक लगभग 7 लाख महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। यह योजना न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार करेगी, बल्कि उन्हें समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा की महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद का प्रतीक है, जो उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करेगी।
















