
भारत सरकार ने जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) बनवाने की प्रक्रिया को डिजिटल बना दिया है। अब माता-पिता को इस जरूरी दस्तावेज के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। ऑनलाइन सुविधा की मदद से कुछ आसान चरणों में यह काम मोबाइल या लैपटॉप से घर बैठे पूरा किया जा सकता है।
जन्म प्रमाण पत्र क्यों जरूरी है?
जन्म प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति के जन्म की आधिकारिक पुष्टि करता है। यह दस्तावेज शिक्षा, पासपोर्ट, सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और पहचान संबंधी प्रक्रियाओं में जरूरी होता है। बिना जन्म प्रमाण पत्र के कई सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता।
ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया
- सबसे पहले अपने राज्य की नगर निगम या पंचायत की सिविल रजिस्ट्रेशन वेबसाइट पर जाएं।
- वहां “Birth Certificate Registration” या “Apply Birth Certificate Online” विकल्प चुनें।
- नया उपयोगकर्ता होने पर पंजीकरण करें और लॉगिन करें।
- आवेदन फॉर्म में बच्चे का नाम, जन्म तिथि, स्थान, माता-पिता की जानकारी और अस्पताल का विवरण भरें।
- आवश्यक दस्तावेज जैसे माता-पिता का आधार कार्ड, अस्पताल से जारी जन्म रिपोर्ट, और पते का प्रमाण अपलोड करें।
- आवेदन शुल्क (लगभग ₹50 से ₹60) का ऑनलाइन भुगतान करें और आवेदन सबमिट करें।
जरूरी दस्तावेजों की सूची
- बच्चे का अस्पताल से जारी जन्म प्रमाण (Birth Report)
- माता-पिता का आधार कार्ड
- पते का प्रमाण (विद्युत बिल, राशन कार्ड आदि)
- मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
आवेदन के बाद क्या करें
आवेदन सबमिट करने के बाद पोर्टल पर जाकर आवेदन की स्थिति (Status) चेक की जा सकती है। सत्यापन पूरा होने पर जन्म प्रमाण पत्र को डिजिटल फॉर्म में डाउनलोड किया जा सकता है या हार्ड कॉपी के रूप में प्राप्त किया जा सकता है। आमतौर पर प्रमाण पत्र 7 से 15 कार्यदिवसों के भीतर जारी किया जाता है।
आवेदन से जुड़ी शर्तें
- आवेदन केवल भारत में जन्मे बच्चों के लिए मान्य है।
- जन्म की तारीख से एक वर्ष के भीतर आवेदन करना आवश्यक है।
- यदि जन्म अस्पताल के बाहर हुआ हो, तो स्थानीय अधिकारी द्वारा सत्यापन जरूरी होगा।
ऑनलाइन आवेदन के लाभ
- सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं।
- समय और मेहनत की बचत।
- दस्तावेज सुरक्षित डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध।
- किसी भी समय डाउनलोड और प्रिंट की सुविधा।
- आवेदन की स्थिति घर बैठे देख सकते हैं।
















